How to orginize Shrimad Bhagwat Katha
जो नारायण कवच धारण करता है, ऐसा आदमी अगर किसी को छु दे तो उसका भी मंगल होता है | नारायण कवच की ऐसी बड़ी भारी महिमा है | श्रीमदभागवत में नारायण कवच लम्बी चौड़ी विधि से भी किया जा सकता है और आज कल वो विधि करने की क्षमता न हो तो ऐसे ही भावना से भी किया जा सकता है | मेरे अंग प्रति अंग में भगवान नारायण का निवास है, मेरे मन और बुद्धि की भगवान नारायण रक्षा करें, मुझे पाप कर्म में गिरने से नारायण बचाये, मुझे अशांति और दुखों से नारायण बचाये |