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सर्दी में खांसी का रामबाण इलाज

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 ✍🏻... *खाँसी के लिए अचूक नुस्खा... जो हर प्रकार की खाँसी के लिए उपयुक्त है ...* 🌿🍋🥥🌽🌷🥜🍓🥕🥑🍇 👉🏻खाँसी अगर एक बार हो गयी तो इसको ठीक होने में एक सप्ताह से दो महीने तक का समय लग जाता है... इसलिए खाँसी का एक अचूक नुश्खा बता रहा हूँ.. 👉🏻 *सामग्री...* *गुड़.............. 100 ग्राम* *सौंठ......……... 20 ग्राम* *अजवायन....... 10 ग्राम* *काली मिर्च...... 10 ग्राम* *हल्दी.............. 10 ग्राम* *मुलेठी चूर्ण....... 10 ग्राम* *दालचीनी......... 05 ग्राम* *इलायची.......... 05 ग्राम* *लौंग............... 05 ग्राम* *सेंधा नमक....... 05 ग्राम* *तुलसी के बीज.. 05 ग्राम* 👉🏻 *कैसे बनायें औषधि...?* सबसे पहले गुड़ को लोहे की कढ़ाई में गर्म करें.. और जैसे ही गुड़ पिंघल जाये, उसमे उपरोक्त सभी पहले से ही पीसे हुए मसाले डाल करके घुटाई करें और तुरन्त ही उतारकर छोटी छोटी गोलियां बना लें.. 👉🏻जब भी खाँसी चले इस गोली को दिनभर में 4-5 बार धीरे धीरे चूसते रहें... यह नुस्खा हर तरह की खाँसी को ठीक करता है.. साथ ही यह नुस्खा जुकाम या नाक बंद होने पर भी काम करेगा... 👉🏻 *नोट:-* इस नुश्खे में.. 5 ग्राम ...

प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से रोगों का इलाज

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 आखिर क्यों दी जाती है खाली पेट लहसुन खाने की सलाह।  🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱🍃🌱 नोट : जिस मरीज़ की पीत ( गर्मी ) वाली तासीर है वो लहसुन अपनें निजी डॉ. की सलाह सें लें ।  आपने वजन कम करने के लिए नींबू-शहद का फॉर्मूला तो जरूर अपनाया होगा हो सकता है कि आपने ग्रीन टी का भी नुस्खा आजमाया हो लेकिन क्या आपने कभी खाली पेट लहसुन का उपाय करके देखा है ।  खाली पेट लहसुन खाने के कई स्वास्थ्यवर्धक फायदे होते हैं लेकिन इसके बारे में पता कुछ ही लोगों को होता है।  लहसुन एक चमत्कारी चीज है । इसमें कई तरह के औषधीय गुण होते हैं और अगर आप खाली पेट लहसुन का सेवन करते हैं तो आप इसके सारे फायदे पा सकते हैं। आपको बता दें कि ये एक नेचुरल एंटी-बायोटिक है. ये कई तरह के संक्रमण को दूर करने में कागर होता है साथ ही इसमें हीलिंग का भी गुण होता है. ऐसे में अगर आप अब तक चाय के कप के साथ अपने दिन की शुरुआत करते आए हैं तो अब इस आदत को छोड़कर आगे बढ़िए और अपनाइए लहसुन। 1👉 पेट साफ करने के लिए लहसुन में शरीर के विषाक्त पदार्थों को साफ करने का गुण होता है । साथ ही ये पेट में मौजूद बैक्टीरिया...

नारायण कवच

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 इस ब्लॉग के माध्यम से आज हम नारायण कवच के लाभ के बारे में जानेंगे। नारायण कवच के लाभ खुद  नारायण कवच के पाठ में ही वर्णित है, तो आप नारायण का पाठ ध्यान  से पढ़ें आपको इसके अद्भुत लाभ के बारे में खुद ज्ञान हो जाएगा।   नारायण कवच  वर्णन श्रीमद  भागवद  के श्रीमद्भागवत स्कन्ध 6 , अ। 8 में किया गया है।  नारायण कवच  के बारे में  शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को बताया था । पहले आपको शुकदेव बारे में बता दे  की शुकदेव जी  महाभारत काल के मुनि थे। वे वेदव्यास जी के पुत्र थे। राजा परिक्षित ने पूछाः भगवन् ! देवराज इंद्र ने जिससे सुरक्षित होकर शत्रुओं की चतुरङ्गिणी सेना को खेल-खेल में अनायास ही जीतकर त्रिलोकी की राज लक्ष्मी का उपभोग किया, आप उस नारायण कवच को सुनाइये और यह भी बतलाईये कि उन्होंने उससे सुरक्षित होकर रणभूमि में किस प्रकार आक्रमणकारी शत्रुओं पर विजय प्राप्त की ।।१-२ श्रीशुकदेवजी ने कहाः परीक्षित् ! जब देवताओं ने विश्वरूप को पुरोहित बना लिया, तब देवराज इन्द्र के प्रश्न करने पर विश्वरूप ने नारायण कवच का उपदेश दिया तुम एकाग्रचित्त...

वृंदावन में रहने के लिए सस्ता लॉज

 श्री धाम वृंदावन भगवान राधाकृष्ण की लीला का स्थली है, यहां दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं, आप लोगों के लिए सस्ता रहने का स्थान ऐसी एवं नॉन एसी कमरे उपलब्ध है एक बार सेवा करने का अवसर प्रदान कीजिए। संपर्क सूत्र : 9368542554. 9219196874.

श्री नारायण कवच

 https://youtu.be/VDIb2QK2mEg

नारायण कवच

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  Narayan Kawach #narayankavach जो नारायण कवच धारण करता है, ऐसा आदमी अगर किसी को छु दे तो उसका भी मंगल होता है | नारायण कवच की ऐसी बड़ी भारी महिमा है | श्रीमदभागवत में नारायण कवच लम्बी चौड़ी विधि से भी किया जा सकता है और आज कल वो विधि करने की क्षमता न हो तो ऐसे ही भावना से भी किया जा सकता है | मेरे अंग प्रति अंग में भगवान नारायण का निवास है, मेरे मन और बुद्धि की भगवान नारायण रक्षा करें, मुझे पाप कर्म में गिरने से नारायण बचाये, मुझे अशांति और दुखों से नारायण बचाये | नर और नारी में बसे हुए हम नारायण चैतन्य आत्मा का आवाहन करते, प्रागट्य चाहते है | श्रीमदभागवत में इन्द्र जब प्रभाव हीन हो जाता है गुरु का अनादर करने से, दैत्य ने इन्द्र पर धावा बोल दिया और देवता लोग दर दर की ठोकरे खाने लगे, इन्द्र प्रभाव हीन होकर भटकने लगा और भगवान ब्रह्माजी की स्तुति करने को पंहुचा | कथा ऐसी आती है की एक बार इन्द्र अपनी विजय की खुशी में राज सिंहासन पर बैठा था इन्द्राणी के साथ, देवता लोग अभिवादन करके ही बैठे थे | मनुष्य निगुरा हो, धन संपत्ति बढ़ जाये, एश्वर्य बढ़ जाये, विवेक न हो, तो एश्वर्य का मद भी आता है...