नारायण कवच
इस ब्लॉग के माध्यम से आज हम नारायण कवच के लाभ के बारे में जानेंगे। नारायण कवच के लाभ खुद नारायण कवच के पाठ में ही वर्णित है, तो आप नारायण का पाठ ध्यान से पढ़ें आपको इसके अद्भुत लाभ के बारे में खुद ज्ञान हो जाएगा।
नारायण कवच वर्णन श्रीमद भागवद के श्रीमद्भागवत स्कन्ध 6 , अ। 8 में किया गया है।
नारायण कवच के बारे में शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को बताया था । पहले आपको शुकदेव बारे में बता दे की शुकदेव जी महाभारत काल के मुनि थे। वे वेदव्यास जी के पुत्र थे।
राजा परिक्षित ने पूछाः भगवन् ! देवराज इंद्र ने जिससे सुरक्षित होकर शत्रुओं की चतुरङ्गिणी सेना को खेल-खेल में अनायास ही जीतकर त्रिलोकी की राज लक्ष्मी का उपभोग किया, आप उस नारायण कवच को सुनाइये और यह भी बतलाईये कि उन्होंने उससे सुरक्षित होकर रणभूमि में किस प्रकार आक्रमणकारी शत्रुओं पर विजय प्राप्त की ।।१-२
श्रीशुकदेवजी ने कहाः परीक्षित् ! जब देवताओं ने विश्वरूप को पुरोहित बना लिया, तब देवराज इन्द्र के प्रश्न करने पर विश्वरूप ने नारायण कवच का उपदेश दिया तुम एकाग्रचित्त से उसका श्रवण करो। आइये अब नारायण कवच के लाभ के बारे में पढ़ते है।
Narayan Kavach Benefits | नारायण कवच के फायदे
1. इस पाठ को करने से हर एक प्रकार की आपत्तिया ,शत्रुओं से छुटकारा मिलता है। नारायण कवच में हम विष्णु जी से प्रार्थना करते है की ,जंगल, रणभूमि ,अंधकार,प्रलय ,सूखा आदि विकट स्थानों में मेरी रक्षा करें,सब प्रकार की आपत्तियों से बचायें।नारायण कवच के हरेक श्लोक में हम अपनी रखस अपनी रक्षा की कामना करते है।
2. जो इस वैष्णवी विद्या को धारण कर लेता है, उसे राजा, डाकू, प्रेत, पिशाच आदि और बाघ आदि हिंसक जीवों से कभी किसी प्रकार का भय नहीं होता।
3 ..शुकदेवजी कहते हैं – परिक्षित् जो पुरूष इस नारायण कवच को समय पर सुनता है और जो आदर पूर्वक इसे धारण करता है, उसके सामने सभी प्राणी आदर से झुक जाते हैं और वह सब प्रकार के भयों से मुक्त हो जाता है ।।४१
4 इस पाठ को निष्ठा के साथ करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
5.पाठ करने के पहले आप अपने कर्मा या मनोकामना का संकल्प लें।
6 . किसी भी अवस्था में हो आप नारायण कवच लाभ प्राप्त करने के लिए यह पाठ पूरी स्वछता और आस्था के साथ करें। भगवान विष्णु पर अटूट आस्था बनाये रखना जरूरी है। आप इस जाप के अद्भुत परिणामों के साथ धन्य हो जाएंगे। यदि आपकी साधना में कोई अज्ञात कमियां हैं तो भी कोई नकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है।
7. कवच का पाठ करने से सभी प्रकार के व्यवधान दूर होते हैं।
8. पाठ के साथ साथ आप अपने मनोकामना की और प्रयासरत रहे ,जो भी व्यवधान आपके मनोकामना में रुकावट उत्पन्न कर रहे होंगे उसे भगवान् विष्णु दूर करेंगे।
देवराज इन्द्र ! मैने तुम्हें यह नारायण कवच सुना दिया है इस कवच से तुम अपने को सुरक्षित कर लो बस, फिर तुम अनायास से ही सब दैत्य – दुश्मनो पर जीत प्राप्त कर लोगे।
तो इस प्रकार नारायण कवच के कुछ लाभ हमने आपसे शेयर किया।
आप इस नारायण कवच को हमारे संस्थान से मंगवा सकते हैं इस नारायण कवच को हम भोजपत्र में तैयार करके चांदी के कवच में धारण करवाते हैं ।
संपर्क सूत्र :आचार्य प्रदीप चंद सुदामा (भागवत प्रवक्ता) भक्ति नगर कॉलोनी वृंदावन।
मोबाइल नंबर: 9368542554

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